इस्लाम को आतंक से जोड़ना गलत, नहीं करना चाहिये इस्लाम में आतंक शब्द का उपयोग: दलाई लामा

गुवाहाटी: पूरी दुनिया में आतंक को इस्लाम से जोड़ने पर बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा ने इसकी आलोचना की हैं. उन्होंने कहा कि इस्लामिक आतंक के शब्द उपयोग से वे असहज महसूस करते हैं. उन्होंने कहा कि सभी समुदायों में उपद्रवी तत्व होते हैं लेकिन वे पूरे समुदाय और उसकी परंपराओं का प्रतिनिधित्व नहीं करते।

‘द असम ट्रिब्यून’ के अमृत महोत्सव और ‘द दैनिक असम’ के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की धर्मनिरपेक्ष परंपराएं वैश्विक कष्टों और तनाव को कम करने में काफी मददगार साबित हो सकती है. उन्होंने नकारात्मक, समुदाय विशिष्ट शब्दावलियों पर अपनी असहमति व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि मुस्लिम आतंकवादी जैसे शब्दों का इस्तेमाल गलत है और मैं असहज महसूस करता हूं. जो इस्लाम के वास्तविक अनुयायी हैं कुरान का गंभीरता से और ईमानदारी से पालन करते हैं।

 

बौद्ध धर्मगुरु ने कहा कि एक पत्रिका ने बर्मा में कुछ बौद्धों के मुस्लिमों को नुकसान पहुंचाने का भी उल्लेख किया था. यद्यपि ऐसा कुछ व्यक्तियों द्वारा ही किया जाता है।